Wednesday, July 16, 2008

विचार मरने नही चाहियें

सभी देशवाशियों को नमस्कार।
विचारों को मंच मिलना चाहिए क्योंकि इसके बिना समस्या का समाधान नही होता। याद रहे हर किसी के विचार महत्त्व रखते हैं.

9 comments:

Film Achchi hai said...

Thoughts don't die only if you keep on writing or keep on discissing.

But you seem to have forgot that.

Write ...write.

Even if it is a word.

Gajendra Singh Bhati
IIMC 2008-09

गिरिजेश राव said...

आप के इस विचार को हम पूरा महत्त्व देँगे। आगे के विचार रखेँ।

हर्षवर्धन said...

लीजिए मंच मिल गया। विचारिए...

नारदमुनि said...

narayan narayan

gargi gupta said...

आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
लिखते रहिये
चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है
गार्गी

alka sarwat said...

प्रिय बन्धु
जय हिंद
हम आपके कीमती विचारों और इस भावना का स्वागत करते हैं
. अगर आप अपने अन्नदाता किसानों और धरती माँ का कर्ज उतारना चाहते हैं तो कृपया मेरासमस्त पर पधारिये और जानकारियों का खुद भी लाभ उठाएं तथा किसानों एवं रोगियों को भी लाभान्वित करें

राजेंद्र माहेश्वरी said...

विचार शक्ति इस विश्व की सबसे बड़ी शक्ति है | उसी ने मनुष्य के द्वारा इस उबड़-खाबड़ दुनिया को चित्रशाला जैसी सुसज्जित और प्रयोगशाला जैसी सुनियोजित बनाया है | विनाश करना होगा तो भी वही करेगी | दीन, हीन और दयनीय स्थिति मे पड़े रहने देने की जिम्मेदारी भी उसी की है | उत्थान-पतन की अधिष्ठात्री भी तो वही है | वस्तुस्तिथि को समझते हुऐ इन दिनों करने योग्य एक ही काम है " जन मानस का परिष्कार " | -युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

Ratan Singh Shekhawat said...

आज नेट पर एक और रतन सिंह शेखावत से मिलकर ख़ुशी हुई |