Thursday, September 10, 2009

सकारात्मक सोच के साथ ही जमीनी हकीकत को भी रखें याद

जिंदगी में सभी कुछ पाने के लिए सकारात्मक सोच और दूर दृष्टि को जरूरी मानने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि यह सच्चाई नहीं है कि सिर्फ सकारात्मक सोच और दूर दृष्टि ही जिंदगी में सफलता दिला सकती है। जमीनी सच्चाई को समझना और उसके अनुरूप कदम उठाना भी उतना ही जरूरी है, जितना सकारात्मक दृष्टिकोण और दूर दृष्टि।कई लोग नेपोलियन हिल की किताब 'थिंक एंड ग्रो रिचÓ का जिक्र करना नहीं भूलते, जिसमें उन्होंने सफलता के गुर बताए थे। यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि हिल अंतिम दिनों में दिवालिया हो गए थे। यदि उनका दोस्त डब्ल्यू क्लेमेंट स्टोन समय रहते उन्हें मदद नहीं देते तो हिल की बातें लोगों तक नहीं पहुंच सकती थी। यह स्टोन के जमीन से जुड़े कई निर्णय थे जो हिल के लिए लाभदायक सिद्ध हुए।स्टोन ही था जो हिल की बातों पर काफी विश्वास करता था पर यह भी कहता था कि सिर्फ सोचना ही काफी नहीं है। इसे करना भी उतना ही जरूरी होता है। हिल ने इस विचार को जन्म दिया पर स्टोन ने इसे कार्य रूप दिया।अमीर बनने के लिए लिखी गई ज्यादातर रचनाओं में दूर दृष्टि के साथ उसे अपनाना भी जरूरी बताया गया है। पिछले कुछ समय से कार्य रूप में अपनाने की बात कम होती जा रही है और सकारात्मक सोच और दूर दृष्टि इसका स्थान लेते जा रहे हैं।अमीर बनने के लिए एक और तथ्य ऐसा है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। सिर्फ सकारात्मक सोच और दूर दृष्टि ही इसके लिए जरूरी नहीं हैं। कई अमीर अपनी जलन की भावना, नाखुश रहने की प्रवृत्ति और प्रतिस्पद्र्धा की भावना के चलते ही अमीर बनते हैं। यह सब इसलिए संभव है कि यह सिर्फ सोचते नहीं हैं, उसे करके दिखाने में भी विश्वास रखते हैं।यहां तथ्य यह है कि सिर्फ हम कोई एक काम नहीं करते हैं। दोनों कार्य करके ही हम सफलता पाते हैं। खुद को एक कार्य के प्रति केंद्रित करके अपनी सारी ऊर्जा दूर की सोच विकसित करने में लगाई जाती है। आप एक खुशहाल इंसान के रूप में खुद को विकसित कर सकते हैं यदि आप 'मेटेरियलÓ के अलावा खुद को 'स्प्रिरिचुअलÓ पर भी केंद्रित कर सके।अंत में इतना जरूर कहा जा सकता है कि सिर्फ अच्छे आइडिया ही दिमाग में आना काफी नहीं है। इसे कार्य रूप में परिणित करना भी जरूरी होता है।

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