Monday, February 22, 2010

रिटायरमेंट के बाद एफडी अच्छा विकल्प नहीं

बहुत सारे लोग समय से पहले रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिटायरमेंट के बाद नियमित आय कैसे प्राप्त करें ताकि घर का खर्च आसानी से चलता रहे। परंपरागत रूप से सोच यही होती है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश किया जाए और उससे मिलने वाली ब्याज की रकम से अपना घर खर्च चलाया जाए। लेकिन क्या यह सही विकल्प है? क्या आप जीवन भर एफडी से मिलने वाली ब्याज की रकम से गुजारा कर सकते हैं? इस लेख में यही बताया गया है कि टर्म/फिक्स्ड डिपॉजिट जल्दी रिटायर होने वाले किसी व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप नौकरी कर रहे होते हैं तो हर महीने आपकी आय काफी ज्यादा होती है जिसका इस्तेमाल आप अपने नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए करते हैं। गैर नियमित खर्च जैसे फ्रिज आदि खरीदने के लिए आप जमा पूंजी का इस्तेमाल करते हैं। जब आप रिटायर होते हैं तो खर्च थोड़ा बहुत कम ज्यादा होकर करीब उतना ही बना रहता है, लेकिन आय पहले के मुकाबले काफी घट जाती है। ऐसे में एफडी के ब्याज से आप खर्च कैसे चला सकते हैं? इसलिए आय का ऐसा स्रोत बनाने की जरूरत है आपके खर्च पूरे कर सके और जीवनभर आपको निश्चित आय मिल सके। परंपरागत नजरिया: सावधि जमा (एफडी)भारतीय लोगों की परंपरागत सोच यही है कि रिटायरमेंट के बाद पूंजी को एफडी जैसे नियमित आय वाले इंस्ट्रूमेंट्स में लगाना चाहिए। लेकिन जो व्यक्ति समय से पहले रिटायरमेंट लेना चाहता है उसके लिए क्या एफडी सही विकल्प है। इसे एक विश्लेषण के जरिए समझते हैं। कितने तरह की एफडीटर्म या फिक्स्ड डिपॉजिट में आप एक निश्चित रकम निश्चित समय के लिए बैंक में जमा कराते हैं। बदले में बैंक आपको ब्याज के रूप में तय राशि एकमुश्त या मासिक, तिमाही या सालाना आधार पर देता है। फिक्स्ड डिपॉजिट की समय सीमा समाप्त होने पर बैंक आपको वह पूरी रकम लौटा देता है जो आपने जमा की थी।रिटायर्ड व्यक्ति के लिए एफडी का मतलबयदि आप 60 साल की उम्र में २५ लाख रुपये लेकर रिटायर होते हैं। यदि यह मान लें कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर बैंक 10 फीसदी की दर से ब्याज देता है। ध्यान रहे यह दर अधिकतम ही होगी और पूरे समय तक यह हासिल करना मुश्किल है। मान लें आपको औसत 8 फीसदी ब्याज एफडी पर मिलेगा तो 25 लाख रुपये की एफडी से आपको सालाना दो लाख रुपये, यानी 16,667 रुपये हर महीने मिलते रहेंगे। क्या यह रकम रिटायरमेंट के बाद आपके परिवार का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त है। यह भी हो सकता है कि आप अपने रिटायमेंट के लिए पर्याप्त रकम नहीं बचा पाए हों। यदि आपके परिवार का मासिक खर्च 15,000 रुपये है तो यह आय पर्याप्त है। लेकिन यदि यह आय फिलहाल के लिए पर्याप्त भी है तो क्या यह राशि आपके परिवार को आपके जीवन के बचे समय में पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा मुहैया करा पाएगी? महंगाई (मुद्रास्फीति) का असरइस बात को दिमाग में रखें कि सभी जरूरी वस्तुओं और सेवाओं के दाम हर साल तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आपका मासिक खर्च भी हर साल बढ़ता चला जाएगा। क्या आपकी एफडी से होने वाली आय महंगाई से सुरक्षा दे पाएगी। आय और खर्च के बीच का यह दायरा हर साल बढ़ता ही चला जाएगा। ऐेसे में आपके पास क्या विकल्प हैं? यदि आप एफडी में ही निवेश करना चाहते हैं तो दो काम कर सकते हैं।1. ज्यादा मासिक आय का करें इंतजाम आपको रिटायरमेंट के लिए ज्यादा बचत करनी चाहिए, ताकि एफडी पर ब्याज से मिलने वाली रकम आपके परिवार के खर्च के लिए पर्याप्त हो। उदाहरण के लिए यदि आप 60 की उम्र में रिटायर होते हैं और आपका मासिक खर्च 15,000 रुपये है। लेकिन खर्च में आए दिन बढ़ोतरी होती रहती है। मानिए आप 90 साल की उम्र तक जिंदा रहेेंगे। तब आपका मासिक खर्च 81,276 रुपये मासिक या 9,75,310 रुपये सालाना हो सकता है। ऐसे में 8 फीसदी ब्याज दर से यह राशि हासिल करने के लिए आपको करीब 1.22 करोड़ रुपये एफडी में निवेश की जरूरत होगी। 2. खख्र्च पूरा करने के लिए एफडी से रकम निकालेंदूसरा विकल्प यह हो सकता है कि आप अपनी जमा राशि में से हर साल थोड़ी-थोड़ी रकम निकालते रहें जो कम पडऩे वाले खर्च की भरपाई कर सके। इसे भी उदाहरण से समझते हैं। माना 25 लाख रुपये की एफडी पर 8 फीसदी ब्याज दर से मिलन वाली आय से आप तीन साल ही अपना खर्च चला पाते हैं। उसके बाद खर्च बढऩे पर अतिरिक्त खर्च को पूरा करने के लिए आप एफडी से कुछ रकम निकाल लेते हैं। ऐसा करने पर आपको एफडी से मिलने वाली रकम भी हर साल घटती चली जाएगी। ऐसे में एक समय आपके पास मूल रकम भी नहीं बचेगी और आप पूरा कोष खर्च कर चुके होंगे। उदाहरण के लिए यदि 18 साल में ऐसा होता है तो 78 की उम्र में आप अपनी रिटायरमेंट की पूरी रकम खर्च कर चुके होंगे। निष्कर्ष यह है कि दोनों ही तरीकों में एफडी से मिलने वाली रकम से आप अपनी रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी आसानी से नहीं बिता सकते। एफडी पर लागू होने वाली बात पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, प्रोविडेंट फंड (पीएफ), पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, नेशनल सेविंग्स स्कीम, किसान विकास पत्र, भविष्य निर्माण बांड आदि पर भी लागू होती है।

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