Wednesday, February 24, 2010

नए वित्त वर्ष में एफडी से मिल सकता है बेहतर रिटर्न

यदि आपके पास अतिरि€त पूंजी है तो आपके लिए एक अ‘छी खबर है। बैंकों की फि€स्ड डिपॉजिट (एफडी) दरें बढऩे जा रही हैं। यदि सब ठीक-ठाक रहा तो अप्रैल से शुरू होने वाले वि?ा वर्ष 2010-11 में सभी बैंक एफडी पर मिलने वाले ?याज की दरों में बढ़ोतरी कर देंगे। यानी आपको एफडी में निवेश पर पहले से बेहतर रिटर्न मिल सकेगा। एचडीएफसी बैंक ने 19 फरवरी को एफडी की विभि‹न स्कीमों के लिए ?याज दरों में 0.25 से 1.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी। अ‹य बैंक भी दरों में बढ़ोतरी की योजना बना रहे हैं। सार्वजनिक क्षेल्œा का बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के भी सप्ताहभर में फि€स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ा सकता है। आईडीबीआई और आईसीआईसीआई बैंक भी इस महीने की शुरुआत में एफडी की कुछ स्कीमों में ब्याज दर 0.25 से 0.50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर चुके हैं। जेएंडके बैंक ने एक साल से स€™यादा की एफडी पर ?याज दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी की है। विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रतिस्पर्Šाा में कई अ‹य बड़े बैंक भी जल्द ही कूदने वाले हैं। 22 फरवरी को अपनी रिपोर्ट में क्रेडिट सुइस ने कहा था कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई की एफडी दरें आŠाा से एक फीसदी के डिस्काउंट पर उपल?Šा हैं और ये दोनों भी दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। हालांकि बड़े बैंकर्स ने इससे असहमति जताई है। उनके मुताबिक बैंक संभवत: मई-जून तक एफडी दरों में बढ़ोतरी नहीं करेंगे, €योंकि बैंकों के पास लोन के रूप में देने के लिए पर्याप्त लि€िवडिटी मौजूद है। इसके विपरीत क्रेडिट सुइस के विश्लेषकों का मानना है कि लोन की वृद्धि दर बढ़ रही है। फिलहाल यह 14.8 फीसदी है और आगे भी इसमें तेजी की संभावना है। आरबीआई भी मौद्रिक नीति को सख्त करने जा रहा है। ऐसे में बैंकों के पास दिख रही लि€िवडिटी स€™यादा समय तक नहीं रह सकेगी और एफडी को आकर्षित करने के लिए वे डिपोजिट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। बैंकों में डिपोजिट की रफ्तार हाल ही में गिरकर 17 फीसदी पर पहुंच गई थी जो चार साल में सबसे कम है। ऐसे में यदि जमा दरों में बढ़ोतरी होती है तो एफडी की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ेगा।

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