Wednesday, February 24, 2010

जानें पीपीएफ अकाउंट के क्या हैं फायदे और कैसे खुलवाएं खाता

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट के बारे में बहुत सारे लोगों को पूरी जानकारी नहीं होती है। यकीन मानिए इसके बहुत सारे फायदे हैें और हर वर्ग के लिए यह उपयुक्त है। यह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुनिंदा शाखाओं और पोस्ट ऑफिसों में खुलवाया जा सकता है। यह कम से कम 15 साल के लिए खोला जा सकता है और पांच साल के लिए समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। हां यह ध्यान रखने की बात है कि इस खाते को मृत्यु के अलावा अन्य किसी स्थिति में समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता। इसमें सालाना न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 75 हजार रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसमें जमा पर 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। खास बात यह है कि इसमें की गई सालाना जमा पर आपको आयकर में छूट भी मिल सकती है। यानी यदि कोई युवा इस खाते में 25 साल की उम्र में 1,000 रुपये मासिक जमा करे तो एक बड़ी रकम उसके पास 45 की उम्र में होगी, जिसका इस्तेमाल वह अपने बच्चों की पढ़ाई या अपने बुढ़ापे के लिए निवेश में कर सकता है।
पीपीएफ खाते के तमाम फायदों के बावजूद कई लोग पीपीएफ अकाउंट नहीं खुलवा पाते हैं। दरअसल ऐसे लोग हर चीज को टालने के आदी होते हैं। वे इस खाते को खोलने के बारे में सोचते तो हैं, पर ऐसा कर नहीं पाते हैं। ज्यादातर लोग अपना खाता भारतीय स्टेट बैंक में खोलना चाहते हैं। उनका भरोसा है इस बैंक पर। पर इसके बाद भी देखा गया है कि वे सिर्फ सोचते ही रह जाते हैं। हकीकत में पीपीएफ अकाउंट खोलना कोई मुश्किल काम नहीं है। अगर आप इस खाते को खोलना चाहते हैं, तो हम 4 साधारण से स्टेप आपको सुझा रहे हैं। आप इनका पालन करके बमुश्किल 30 से 35 मिनट में स्टेट बैंक में अपना खाता खुलवा सकते हैं। पर इसके लिए आपको कुछ तैयारी पहले से करनी होगी।पहला कदम : ब्रांच का चुनाव करेंपीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए सरकार ने कुछ ब्रांच अधिकृत किए हैं। आपको सबसे पहले ऐसी ब्रांच के बारे में पता करना होगा। आमतौर पर एसबीआई की जो बड़ी शाखाएं हैं और जहां ग्राहकों की तादाद ज्यादा रहती है, वहां इस खाते को खोलने की सुविधा उपलब्ध है। यहां एक बात और याद रखें पीपीएफ अकाउंट खुलवाने के लिए उस बैंक में बचत खाता होना जरूरी नहीं है।दूसरा कदम : प्रक्रिया पूरी करेंएक बार जब आप बैंक का सेलेक्शन कर लेगें, तो इसके बाद आपका काम काफी आसान हो जाता है। दूसरे कदम के तौर पर आपको बैंक से अकाउंट खोलने वाला फार्म लेकर भरना होगा। इसमें बमुश्किल 5 मिनट का समय लगता है। फार्म में आपको एक नॉमिनी का नाम देना होगा। साथ ही किसी गवाह के दस्तखत होंगे। इस फॉर्म के साथ आपको अपना पहचान और निवास का सर्टिफिकेट लगाना होता है। इसके लिए आप पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या राशन कार्ड आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। फार्म में 2 पासपोर्ट साइज फोटो भी लगाने होते हैं। जब खाता खुलवाने जाएं, तो इन प्रमाण पत्र की फोटो कापी भी साथ ले जाएं। अगर किसी वेरीफिकेशन की जरूरत होगी, तो वो मौके पर ही हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 20 मिनट से ज्यादा का वक्त नहीं लगता है।तीसरा कदम : पास बुक हासिल करेंआप जितनी भी रकम का खाता खुलवाएंगे, उसे पहले एक स्लिप में भरकर देना होगा। पर इसके बाद बैंक आपको एक पासबुक बनाकर दे देगा। पासबुक बचत खाते की ही तरह होती है। इसमें आपकी फोटो लगी रहेगी। साथ ही नॉमिनी का नाम दर्ज होगा। इस पासबुक के पीछे पीपीएफ खाते के नियमों का जिक्ररहता है।चौथा कदम : ऑनलाइन कराएंअगर आपके पास पहले से एसबीआई का कोई खाता है, तो पीपीएफ अकाउंट को इससे लिंक करा लें। ऐसा कराने से आपको जब भी पीपीएफ खाते में पैसे जमा करने होंगे, ब्रांच में नहीं जाना पड़ेगा। इससे आपके समय की बचत होती रहेगी। आपको शाखा में जाकर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।कुछ और ध्यान रखेंकई बार लोग पीपीएफ के खाते को एक बैंक से दूसरे में ट्रांसफर कराना चाहते हैं। इसे शिफ्ट नहीं करा पाते हैं। इसके लिए आप अपनी पीपीएफ पासबुक के साथ नई ब्रांच में जाएं, और वहां एक अप्लीकेशन लिखकर दे। पासबुक को उसके साथ पेश करें। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। अगर आप पीपीएफ अकाउंट के निवेश पर टैक्स छूट पाना चाहते हैं, तो पासबुक की फोटो कापी करा लें। इसके बाद संबंधित बैंक से इसे अटेस्टेड करा लें। साथ ही पीपीएफ खाते में पैसा हर महीने के 5 तारीख से पहले निवेश करने की योजना बनाएं। इससे उस महीने का ब्याज जुड़ जाता है।

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