Thursday, March 18, 2010

80 सी के अलावा भी हैं इनकम टैक्स बचाने के मौके

ज्यादा से ज्यादा टैक्स सेविंग के लिए ज्यादातर लोग आयकर की धारा 80 सी के तहत दिए गए निवेश विकल्पों की ओर दौड़ते हैं। हालांकि 80 सी की भी एक सीमा है और उसके तहत आप केवल एक लाख रुपये पर ही टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। ऐसे में 80 सी के अलावा कहां बचत की जा सकती है इस पर गौर करना फायदेमंद होगा। धारा 80 सी के तहत आप नीचे दी गई स्कीमों में निवेश कर टैक्स बचत कर सकते हैं: प्रोविडेंट फंड (पीएफ)वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ)पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स (एनएससी)इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस)सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस)लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स आदिआप अपनी आय से इन योजनाओं में निवेश करते हैं तो उस पर टैक्स छूट पा सकते हैं। लेकिन इस सेक्शन के तहत एक लाख रुपये पर ही टैक्स छूट मिल सकती है ऐसे में आप अधिकतम 30,000 रुपये की बचत ही कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या 80 सी के अलावा भी टैक्स बचाने के मौके हैं? हां! विकल्प हैं और उनके जरिए काफी टैक्स की बचत की जा सकती है। 80 सी के तहत आने वाली टैक्स छूट अध्याय 6-ए के तहत आती हैं। इसके अलावा भी कई डिडक्शन उपलब्ध हैं जिनके तहत आप छूट का दावा कर सकते हैं। इनमें से सभी डिडक्शन तो आप पर लागू नहीं होंगे, लेकिन कुछ जरूर होंगे जिनसे आप फायदा उठा सकते हैं। सेक्शन 80 डी यदि कोई विकलांग व्यक्ति आप पर निर्भर है तो उस पर होने वाले मेडिकल सहित अन्य खर्च पर आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। उस विकलांग व्यक्ति के लिए यदि आप कोई इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं तो उस पर भी टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। सेक्शन 80 डीडीबीइसके तहत कुछ खास बीमारियों के इलाज पर किए गए खर्च पर टैक्स छूट का दावा आप कर सकते हैं। चाहे खर्च खुद के इलाज पर किया गया हो या अपने किसी संबंधी पर। सेक्शन 80 ईउच्च शिक्षा के लिए लिए गए लोन के सालभर में किए गए भुगतान के ब्याज पर टैक्स छूट आप हासिल कर सकते हैं। लोन भले ही आपने अपने लिए या संबंधी के लिए लिया हो। सेक्शन 80 जीयदि आप परोपकारी हैं तो चैरिटेबल ट्रस्ट और कुछ सरकारी फंड्स में दान करने पर भी आप टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। कुछ निश्चित सरकारी फंड््स और चैरिटेलब संस्थाओं को डोनेट (दान) करने पर डोनेशन की रकम पर टैक्स छूट मिलती है। डोनेशन की रकम पर पूरी या कुछ फीसदी छूट मिलती है।सेक्शन 80 जीजीयदि आप घर का किराया चुकाते हैं, लेकिन वेतन के हिस्से के रूप में आपको हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) नहीं मिलता है। या फिर आप खुद का बिजनेस करते हैं और किराए के घर में रहते हैं तो आप किराए की रकम पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। हालांकि इस पर कुछ शर्तें लागू होती हैं। सेक्शन 80 यूऐसा व्यक्ति जो खुद विकलांग है वह आयकर की धारा 80यू के तहत आयकर में छूट हासिल कर सकता है।एचआरए पर टैक्स छूटअध्याय 6-ए के अलावा भी आयकर बचाने के कई और रास्ते हैं। यदि आप वेतनभोगी हैं और एचआरए पाते हैं। ऐसे में यदि आप किराए के मकान में रहते हैं तो एचआरए पर एक निश्चित सीमा तक कुछ शर्तों के साथ टैक्स छूट हासिल की जा सकती है। एलटीए और एलटीसी पर टैक्स छूटयदि आप वेतनभोगी हैं और आपको कंपनी की ओर से लीव ट्रेवल अलाउंस (एलटीए) और लीव ट्रेवल कंसेशन (एलटीसी) मिलता है तो आप एक निश्चित सीमा तक और कुछ शर्तों के साथ इस पर आयकर छूट पा सकते हैं।होम लोन के ब्याज पर छूटयदि आपने घर के लिए बैंक से लोन लिया है और उसकी ईएमआई चुका रहे हैं तो चुकाई गई रकम के ब्याज पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। ऐसे में आयकर बचाने के लिए आपके पास बहुत सारे रास्ते हैं। सेक्शन 80 सी तो उनमें से केवल एक है।—

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