Tuesday, March 9, 2010

बजट और बैंकों की मार ने तोड़ा घर का सपना

अपना घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी योजना बदलनी पड़ सकती है। हफ्ते भर पहले आए बजट में घर के सपने को कुछ झटका लगा है। बजट में घर की निर्माण लागत पर 10 फीसदी सर्विस टैक्स लगाया गया है। साथ ही बैंकों से सस्ती दर पर होम लोन का दौर भी अब समाप्त होने लगा है। ज्यादातर बैंक होम लोन की दरों में 0.25 से 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर रहे हैं। ऐसे में 20 साल के लिए 20 लाख रुपये का नया होम लोन लेने वालों को मासिक किस्त (ईएमआई) के रूप में करीब 633 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। पहले लोन ले चुके लोगों को जहां 20 साल के लोन पर 17,041 रुपये की मासिक किस्त चुकानी पड़ रही है। वहीं अब लोन लेने वालों को 17,674 रुपये चुकाने होंगे। दो-तीन महीने में फिर बढेंग़ी दरेंघर खरीदने के सपने एक और बड़ा झटका अप्रैल के बाद कभी भी और लग सकता है। बैंकर्स का कहना है कि अप्रैल में रिजर्व बैंक अपनी अगली मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेगा। इसके बाद बैंक होम लोन की ब्याज दरों में 0.25 फीसदी से 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी और कर सकते हैं। इसके बाद घरों की बिक्री में भी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। मुंबई के कुछ डेवलपर्स का तो कहना है कि अभी से घरों की इंक्वायरी में गिरावट आई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट एंड प्रॉपरिएटर अशोक नारंग ने के मुताबिक मुंबई में पिछले एक सप्ताह में प्रॉपर्टी की बिक्री और इंक्वायरी में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है। वहीं, नाहर गु्रप के चेयरमैन सुखराज नाहर का कहना है कि निर्माण सामग्री पर बढ़ाए गए उत्पादन और सेवा कर से पस्त हो गए हैं। निर्माण सामग्री पर करों का बोझ बढऩे से घर महंगे हो गए हैं और वे अफोर्डेबल नहीं रह गए हैं। साथ ही बैंक भी होम लोन पर दरें बढ़ा रहे हैं। ऐसे में दोनों तरफ से अपने को घिरता देखकर ग्राहक घर खरीदने की योजना टाल सकते हैं। अगले दो महीनों में इसका असर जरूर दिखेगा, क्योंकि तब तक सर्विस टैक्स प्रभावी हो चुका होगा। बैंकों की ओर से होम लोन दरों में बढ़़ोतरी से ग्राहकों के लिए घर कम से कम 10 फीसदी और महंगा हो जाएगा।होम लोन पर सख्त हुए बैंकहोम लोन दरों पर बैंकों के सख्त रुख से घर खरीदने का फैसला और भी कठिन हो गया है। गुुरुवार को ही निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों आईसीआईसीआई और एचडीएफसी ने अपनी टीजर होम लोन की स्कीमों को खत्म करने की घोषणा की है, जिनके तहत शुरुआती वर्षों में होम लोन की ब्याज दरें कुछ कम 8 से 8.25 फीसदी थीं। कोटक महिंद्रा बैंक भी होम लोन की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा कर चुका है। कुछ सप्ताह पहले दो अन्य बैंकों ने टीजर होम लोन दरें वापस ले ली थीं। महंगाई को काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक ने पिछले महीने मौद्रिक नीति समीक्षा में सीआरआर को 0.75 फीसदी बढ़ाकर 5.75 फीसदी कर दिया था। ऐसे में बैंकों ने भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत देेने शुरू कर दिए। होम लोन लेने वाले सभी नए ग्राहकों को अब 0.25 से 0.50 फीसदी तक अतिरिक्त ब्याज देना होगा। पहले दो साल के लिए 8.25 फीसदी की फिक्स्ड रेट पर दी जा रही होम लोन की सुविधा को 27 फरवरी से समाप्त कर दिया है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि दो साल के लिए फिक्स्ड रेट पर होम लोन की स्कीम को एक मार्च 2010 से समाप्त कर दिया गया है। फिलहाल होम लोन की फ्लोटिंग रेट 30 लाख रुपये तक 8.75 फीसदी, 30 से 50 लाख रुपये तक 9 फीसदी और 50 लाख रुपये से ज्यादा पर 9.5 फीसदी है। बैंकर्स का कहना है कि अन्य बैंक भी जल्द ही इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक भी विशेष होम लोन सुविधा को बंद करने की घोषणा कर चुके हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने नवंबर में विशेष दरों को 31 मार्च 2010 तक बढ़ा दिया था। हालांकि एसबीआई के प्रवक्ता से इस पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। बैंक ऑफ इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बी.ए.प्रभाकर ने कहा कि 8 फीसदी पर होम लोन की विशेष सुविधा फरवरी आखिरी तक थी और इसे बढ़ाने की बैंक की कोई योजना नहीं है। हालांकि मार्च के अंत या अप्रैल तक दरें बैंक संभवत नहीं बढ़ाएगा।

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