Monday, March 22, 2010

नशे में एक्सिडेंट पर इंश्योरेंस हो सकता है कम

अखबार में और टीवी पर आए दिन ऐसी खबरें पढऩे और देखने को मिलती हैं कि शराब के नशे में किसी ने लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी या दूसरी गाड़ी में टक्कर मार दी। हालांकि ऐसे मामलों के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसी स्थिति में यह जानना भी बहुत जरूरी हो जाता है कि शराब के नशे में एक्सिडेंट करने की स्थिति में इंश्योरेंस पर इसका क्या असर पड़ेगा। याद रखिए आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर इसका सीधा असर पड़ता है। लाइफ इंश्योरेंस पर असरयदि हम लाइफ इंश्योरेंस पर पडऩे वाले असर की बात करें तो इसमें दो बातें गौर करने लायक हैं। पहली तो उस स्थिति में जिसने लाइफ इंश्योरेंस करवा रखा है और नशे की स्थिति में गाड़ी चलाते समय हादसे में उसकी मौत हो जाती है। दूसरी बात जो व्यक्ति इस हादसे में प्रभावित होता है। इस बारे में कई लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों से बात की गई और कई पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स भी देखे। इनको देखने के बाद यह साफ है कि नशे की हालत में हादसे में मौत होने पर भी बुनियादी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर मिलता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में ऐसा देखा गया है कि यदि पॉलिसीधारक ने एक्सिडेंट इंश्योरेंस राइडर ले रखा था तो ऐसी स्थिति में नशे में ड्राइव कर रहे पॉलिसीधारक को राइडर का बेनिफिट नहीं मिलता है। नियम के मुताबिक एक्सिडेंट इंश्योरेंस राइडर में बीमाधारक को मूल इंश्योर्ड रकम के अतिरिक्त रकम मिलती है।थर्ड पार्टी को भुगतान मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स के अध्ययन और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों से बातचीत के मुताबिक एक्सिडेंट में प्रभावित थर्ड पार्टी (नशे में पॉलिसीधारक ने जिसको टक्कर मारी) चालक के नशे में होने के बावजूद क्षतिपूर्ति हासिल करने की हकदार है। हालांकि यह फैसला कोर्ट करता है कि प्रभावित तीसरी पार्टी को क्षतिपूर्ति का भुगतान इंश्योरेंस कंपनी करेगी या वाहन का मालिक। ऐसे ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनियों के बजाय गाड़ी मालिक से थर्ट पार्टी को नुकसान का हर्जाना देने को कहा है। ऐसे में जिस कार से टक्कर मारी गई उसके नुकसान की बात करें तो ड्राइवर के नशे में होने के चलते इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी के नुकसान का खर्च नहीं देगी। ज्यादातर देशों में नशे में और ओवरस्पीड में गाड़ी चलाने पर न केवल लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है, बल्कि उस व्यक्ति का इंश्योरेंस प्रीमियम भी भविष्य में बढ़ा दिया जाता है, लेकिन भारत में कार इंश्योरेंस पॉलिसी ड्राइवर के नाम के साथ नहीं दी जाती हैं। ब्रिटेन में कार इंश्योरेंस का प्रीमियम ड्राइवर की उम्र और ड्राइविंग रिकॉर्ड पर निर्भर करता है। यदि एक्सिडेंट ऐसे व्यक्ति ने किया है जिसका नाम इंश्योरेंस पॉलिसी में नहीं है तो नामित को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। भारत में यह संभव नहीं है क्योंकि यहां यह पता लगाना भी संभव नहीं है कि हादसे के समय गाड़ी कौन चला रहा था। यह खबर आपने भी सुनी होगी कि बांद्रा में एक फिल्म स्टार ने शराब के नशे में लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी थी, लेकिन अभियोजन पक्ष अभी तक यह साबित नहीं कर पाया कि गाड़ी कौन चला रहा था। ऐसे में यहां पर कुछ ड्राइवरों की गलती से जो नशे में ड्राइविंग करते हैं होने वाले नुकसान का बोझ सभी को मिलकर उठाना पड़ता है। ऐसे में ट्राफिक पुलिस को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं ताकि नशे में गाड़ी चलाने के खिलाफ सख्त कदम उठाकर ऐसे हादसों को रोकें। इसलिए आगे से जब आप भी किसी पार्टी से निकलें तो इस बात का ख्याल रखें कि नशे में यदि कोई हादसा आपके साथ हो गया तो इसका सीधा असर आपके इंश्योरेंस पर पडऩे वाला है।

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