Tuesday, March 30, 2010

अब अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में घर खरीदने पर देना होगा सर्विस टैक्स

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी की खरीद पर अब आपको सर्विस टैक्स से भी जूझना होगा। नए बजट में इसका प्रावधान किया गया है। सर्विस टैक्स पहली अप्रैल से लागू होगा। अब किसी भी बन रहे मकान या फ्लैट के खरीदने पर बिल्डर को 10.3 फीसदी सर्विस टैक्स देना होगा। जाहिर है इसका बोझ ग्राहकों के सिर ही आएगा। नियम के मुताबिक जब तक किसी प्रॉपर्टी पर लोकल अथॉरिटी से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता है, उसे अंडर कंस्ट्रक्शन (निर्माणाधीन) प्रोजेक्ट माना जाएगा। इस तरह जब तक किसी प्रॉपर्टी पर अथॉरिटी से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा, तब तक वो सर्विस टैक्स के दायरे में रहेगी। अगर आप प्रॉपर्टी काम पूरा हो जाने का सर्टिफिकेट मिलने के बाद खरीदते हैं, तब सर्विस टैक्स का कोई चक्कर नहीं होगा। जरा गौर से समझें टैक्स को सर्विस टैक्स को लेकर बिल्डर आपके साथ मनमानी कर सकते हैं। ऐसे में कुछ समझदारी आपको दिखानी होगी। आप ये न सोचें कि अगर किसी निर्माणाधीन अपार्टमेंट में 30 लाख रुपये का फ्लैट खरीदेंगे, तो आपको 10.3 फीसदी के हिसाब से 3.09 लाख रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर देने होंगे । यहां ध्यान देने की बात ये है कि सर्विस टैक्स पूरे अमाउंट पर नहीं देना है। कोई भी बिल्डर किसी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में 67 फीसदी अमाउंट जमीन की कीमत और मैटेरियल आदि की वसूल करता है। बाकी 33 चार्ज बिल्डर की सर्विस का होता है। इसका मतलब ये हुआ कि बिल्डर को 10.3 फीसदी की दर से सर्विस टैक्स सिर्फ 33 फीसदी अमाउंट पर ही देना होगा। इस तरह पूरे अमाउंट पर सर्विस टैक्स की प्रभावी दर 3.34 फीसदी ही होगी। कब देना होगा टैक्स अमूमन ज्यादातर लोग होम लोन के जरिए घर खरीदते हैं। यही नहीं घर भी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में ही खरीदा जाता है। ज्यादातर लोग किसी नए प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराते हैं। इसके पैसे का भुगतान कुछ अंतराल पर स्टेज आधारित होता है। इसका मतलब ये हुआ कि ज्यादातर लोग बिल्डर को पैसे का भुगतान बिल्डिंग पूरी बनने से पहले ही करते हैं। दरअसल बिल्डिंग पूरी हो जाने के बाद ही बिल्डर को कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलता है। इस तरह इस पूरे भुगतान पर सर्विस टैक्स लगेगा। इस टैक्स का भुगतान बिल्डर को ही करना होगा। पर मुश्किल ये है कि बिल्डर इस टैक्स का बोझ ग्राहकों के सिर डालेंगे। इस तरह पहली अप्रैल से जब आप घर खरीदने जाएंगे, तो ज्यादा रकम चुकानी होगी। लोकेशन पर भी चार्ज सर्विस टैक्स के लिए कुछ और प्रावधान किए गए हैं। अगर आप किसी बेहतरीन लोकेशन पर फ्लैट या घर खरीदते हैं, तो इसके लिए भी बिल्डर को 10.3 फीसदी सर्विस टैक्स देना होगा। अगर आप बिल्डर से किसी खास नंबर का फ्लैट या पार्क फेसिंग-स्वीमिंग पूल फेसिंग या फिर वास्तु आदि की सुविधा के मुताबिक फ्लैट मांगते हैं, तो आपको सर्विस टैक्स देना होगा। पर एक चीज ध्यान रखें पार्किंग या गैराज आदि की सुविधा पर सर्विस टैक्स नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए साफ-साफ निर्देश हैं। कैसे लगेगा टैक्स मान लीजिए आपने 1000 वर्ग फुट का फ्लैट खरीदा। इस फ्लैट का रेट 3,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है। आपने पांचवें फ्लोर पर बेहतरीन सुविधाओं के लिए 100 रुपये प्रति वर्ग फुट का अतिरिक्त भुगतान किया। आपने 2 लाख रुपये में पार्किंग स्पेश खरीदा। इस तरह आपने कुल 33 लाख रुपये का भुगतान किया। ये पूरा पैसा आपने बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने से पहले बिल्डर को दे दिया। इस तरह अब सर्विस टैक्स कुछ इस तरह बनेगा। पहले तो पार्किंग स्पेश के 2 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पांचवीं मंजिल पर बेहतरीन सुविधाओं के लिए आपने 100 रुपये प्रति वर्ग फुट ज्यादा दिए हैं। 1000 वर्ग फुट के फ्लैट पर 10.3 फीसदी की दर से ये टैक्स बनेगा 10,300 रुपये। फ्लैट की असल कीमत 30 लाख रुपये है। इसकी 67 फीसदी आप जमीन की कीमत और बिल्डिंग मैटेरियल का कास्ट निकाल दीजिए। 30 लाख का 67 फीसदी 20,10,000 रुपये बनेगा। अब बाकी 9,90,000 रुपये पर आपको 10.3 फीसदी की दर से सर्विस टैक्स देना होगा। इस तरह ये रकम बनेगी 1,01,970 रुपये। इस तरह आपको कुल 10,300 और 1,01,970 यानी 1,12,270 रुपये बतौर सर्विस टैक्स देने होंगे।

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