Friday, April 2, 2010

थोड़ा-थोड़ा निवेश करके बनाएं बड़ी रकम

इक्विटी यानी शेयरों में किए जाने वाले निवेश को लेकर हमारे यहां आज भी आशंका भरी नजरों से देखा जाता है। पर हकीकत में अगर आपको एक बड़ी पूंजी बनानी है, तो शेयर बाजार से बेहतर रास्ता कोई नहीं हो सकता। इक्विटी में लंबे समय तक सावधानी से किया गया छोटा निवेश भी हर हाल में एक बड़ी रकम बन जाता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि शेयरों में निवेश के लिए एक बड़ी रकम की जरूरत होती है। पर ऐसा पूरी तरह सच नहीं है। एक निश्चित रकम को अगर किसी तय अवधि तक बाजार में लगाया जाए, तो इसके जरिए एक बड़ी रकम हासिल की जा सकती है। कैसे बनाएं पंूंजी थोड़े-थोड़े पैसे को शेयर बाजार में निवेशक करके एक बड़ी रकम बनाना बहुत मुश्किल भी नहीं है। मान लीजिए आप 40,000 रुपये महीना कमाते हैं। आप अपनी कुल आमदनी का 10 फीसदी निवेश कर सकते हैं। आप अपने पैसे को 30-35 साल तक निवेश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपके रिटायरमेंट तक आपके पास एक बड़ी रकम उपलब्ध होगी। अगर 25 साल के हैं और 60 साल में रिटायर होना चाहते हैं। साथ ही परिवार के 3-4 सदस्य आप पर आश्रित हैं। और आपका मासिक खर्च करीब 25,000 रुपये है। इन हालात में आप इक्विटी में निवेश करके एक बड़ी रकम बनाना चाहते हैं। इसके लिए आपको एक बेहतरीन प्लान पर काम करना होगा। निवेश की योजना बनाएं अपने रिटायरमेंट के लिए आपको पैसा इकट्ठा करना है। चूंकि आपकी उम्र अभी बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए आप इक्विटी में निवेश कर सकते हैं। मान लेते हैं कि आप 5,000 रुपये प्रति माह डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगा सकते हैं। ये निवेश आप रिटायरमेंट की उम्र तक कर सकते हैं। हालांकि इसमें बाद में बदलाव भी कर सकते हैं। पर मान लेते हैं कि आप ये पैसा रिटायरमेंट तक इसी फंड में लगाते रहेंगे। चूंकि आप 35 साल के लिए निवेश कर रहे हैं, इसलिए इस निवेश में जोखिम बेहद कम है। भले ही ये निवेश इक्विटी में किया जा रहा है, पर जोखिम यहां कम ही माना जाएगा। शेयर बाजार बहुत ज्यादा जोखिम शॉर्ट टर्म के निवेश पर ही होता है। 35 साल जैसी लंबी अवधि के लिए तो यह बिल्कुल भी रिस्की नहीं है। इसमें तो आप बहुत ही आकर्षक रिटर्न हासिल कर सकते हैं। यदि सेंसेक्स को ही लें तो पिछले 30 साल में यानी 1979 से 2009 तक इसने 15 से 17 फीसदी तक रिटर्न दिया है। ऐसे में अगर लांग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो कम से कम 15 फीसदी रिटर्न तो आप सुरक्षित मान सकते हैं। अब मूल बात पर आते हैं। निवेशकों को शुरुआती सालों में इतनी रकम का निवेश करने में परेशानी आ सकती है। बाद में उसकी जिम्मेदारियां बढ़ती चली जाएंगी। लेकिन कैरियर आगे बढऩे के साथ-साथ सेलरी भी बढ़ेगी और 5,000 रुपये मासिक निवेश ज्यादा कठिन नहीं होगा। कितना होगा निवेश आप हर महीने 5,000 रुपये निवेश कर सकते हैं। इसका मतलब ये हुआ कि आप साल में 60,000 रुपये इक्विटी में लगाएंगे। आपको चूंकि 35 साल तक निवेश करना है, इसका मतलब ये हुआ कि आप 35 साल में 21 लाख रुपये जमा करेंगे। मान लेते हैं इस पर आपको औसत रिटर्न 15 फीसदी हासिल होगा। इस तरह आपको 3,00,000 रुपये और मिल जाएंगे। इस तरह कुल आपको कुल रिटर्न 24 लाख रुपये मिल जाएगा। अब अगर इस ब्याज दर को जोड़कर रिटर्न निकालें तो 15 फीसदी की दर से ये रकम भी करीब 24 लाख रुपये बनती है। मान लेते हैं कि आपको कुल 50 लाख रुपये मिल जाएंगे। ये आकलन सिर्फ साधारण ब्याज दर के आधार पर निकाला गया है। आमतौर पर लोग इसी तरह सोचते हैं। पर ऐसा होता नहीं है। इसमें वार्षिक कंपाउंड इंटरेस्ट वाला फॉर्मूला नहीं अपनाया गया है, बल्कि एक साधारण सी गणना है जो कोई भी कर सकता है।कंपाउंड इंटरेस्ट रेट का चमत्कारपर ब्याज की गणना ऐसे होती नहीं है। कंपाउंड इंटरेस्ट रेट के आधार पर आकलन करने पर आपकी रकम करोड़ों में बदल जाएगी। सही-सही गणना के मुताबिक उसके पास करीब 7.43 करोड़ रुपये होंगे। आप सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी रकम कैसे संभव है। यह कंपाउंड (चक्रवृद्धि) ब्याज दर का चमत्कार है। ब्याज पर ब्याज मिलता है और यह बढ़ता रहता है। शुरुआत में ब्याज बहुत कम दिखता है, लेकिन समय के साथ यह राशि बढ़ती रहती है और 35 साल जैसी बड़ी अवधि के बाद तो यह राशि आपको अविश्वसनीय सी लगेगी। क्या आप विश्वास करेंगे कि 5,000 रुपये महीना निवेश करने पर आपको 35 साल बाद 1.04 करोड़ रुपये तो केवल ब्याज के मिलेंगे जो आपकी निवेश की गई मूल रकम से भी चार गुना है। यह सब कंपाउंड इंटरेस्ट का कमाल है इसीलिए तो महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने चक्रवृद्धि ब्याज को विश्व का आठवां अजूबा करार दिया था।10 साल बाद करें ऐशयदि आप 35 साल जितनी लंबी अवधि तक निवेश का दर्द नहीं सहन कर सकते तो कोई नहीं आप 10 साल तक निवेश कर मुक्ति पाइए। 5,000 रुपये महीना 10 साल तक निवेश करने के बाद बाकी 25 साल तक वह रकम कंपाउंड ब्याज से बढ़ती हुई एक बड़ी रकम बन जाएगी। ऐसे में आपके पास 2.12 करोड़ रुपये ही होंगे यानी आपको पहले के मुकाबले 5.88 करोड़ रुपये कम मिलेंगे। एक उपाय है, यदि आप चाहते हैं कि केवल 10 साल तक निवेश करके भी आपको 35 साल बाद 7.43 करोड़ रुपये ही मिलें तो मासिक निवेश आपको थोड़ा बढ़ाना पड़ेगा। आपको हर महीने 1,420 रुपये ज्यादा निवेश करना होगा। यानी 6,420 रुपये मासिक निवेश 10 साल तक कीजिए और अगले 25 साल तक उसे बढऩे के लिए छोड़ दीजिए। तब आपका धन 7.43 करोड़ रुपये हो जाएगा।पहले जितना बोझ, बाद में उतना आरामइससे आपको एक बात तो समझ में आ गई होगी कि पहले सालों में निवेश में जितना कष्ट सहन करेंगे बाद में उतना ही फायदा होगा। कैरियर के पहले सालों में कोई भी व्यक्ति ज्यादा निवेश करने की स्थिति में भी होता है क्योंकि तब जिम्मेदारियां कम होती हैं और निर्भर सदस्य भी कम होते हैं। यदि कोई 10 साल के लिए थोड़ा ज्यादा कष्ट लेकर 1,420 रुपये मासिक ज्यादा निवेश करता है तो निवेश से 25 साल भी बचा लेता है और उतनी ही रकम भी बना लेता है। यदि वह अपनी सेलरी का 50 फीसदी यानी 20,000 रुपये प्रति महीना दो साल के लिए निवेश कर सके तो भी वह इतनी रकम हासिल करने में कामयाब हो सकता है। 20,000 रुपये मासिक निवेश 2 साल तक करके अगले 33 साल उसे सुरक्षित छोडऩे पर उसकी रकम 9.24 करोड़ रुपये होगी। यदि आप सोचते हैं कि निवेश का यह मौका तो 5,10 या 20 साल पहले था तो चिंता मत कीजिए अब भी मौका है।

No comments: