Tuesday, May 25, 2010
बुजुर्गों को अब रिवर्स मोर्गेज लोन से ज्यादा सहारा
घर गिरवी रखने के बदले सीनियर सिटीजंस को नियमित मासिक आय की सुविधा देने वाली रिवर्स मोर्गेज स्कीम में अब ज्यादा मासिक आय मिल सकती है। पहले जितनी मासिक आय इस स्कीम में मिलती थी, उससे करीब तीन गुना अब मिल पाएगी। इसका श्रेय स्टार यूनियन दाइची लाइफ इंश्योरेंस को जाता है जिसने रिवर्स मोर्गेज लोन देने वाले बैंकों को एक सुरक्षा चक्र मुहैया करा दिया है। इसके चलते वे सीनियर सिटीजंस ज्यादा मासिक आय दे पाएंगे। क्या है रिवर्स मोर्गेज स्कीम रिवर्स मोर्गेज स्कीम के तहत जिस सीनियर सिटीजन का अपना घर है वह उसे बैंक के पास गिरवी रखकर एक निश्चित राशि हर महीने हासिल कर सकता है, यही नहीं वह उस घर में रह भी सकता है। इसमें लोन की अवधि के दौरान उसे किसी तरह का ब्याज भी नहीं चुकाना होता है। लोन की राशि ब्याज सहित लोन लेने वाले व्यक्ति और उसकी पत्नी या पति की मृत्यु के बाद घर को बेचकर बैंक वसूल लेता है। उम्र के आधार पर लोन की गणनारिवर्स मोर्गेज लोन की स्कीम के लिए दिशा निर्देश तय करने वाले नेशनल हाउसिंग बोर्ड में असिस्टेंट जनरल मैनेजर पीआर जयशंकर ने कहा कि पहले के रिवर्स मोर्गेज प्रोडक्ट में सीनियर सिटीजंस के लिए भुगतान की गणना 20 साल की निश्चित अवधि के आधार पर की जाती थी। इसमें ब्याज भी जोड़ा जाता था। सीनियर सिटीजंस को दी जाने वाली मासिक रकम भी कम थी। अब एक इंश्योरेंस कंपनी बीमांकिक गणना कर रही है। इसमें किसी देश के खास आयु वर्ग की आगे की संभावित जिंदगी के आधार पर गणना की जाती है, जिसमें सीनियर सिटीजंस के लिए मासिक आय तीन गुना तक हो गई है। नया प्रॉडक्ट कुछ अलग है और काफी आसान है। उम्र के साथ बढ़ती जाएगी मासिक आयऐसे में यदि किसी सीनियर सिटीजन के घर की आज बाजार भाव पर कीमत 50 लाख रुपये है तो वह इसका 75 फीसदी यानी 37.5 लाख रुपये लोन मासिक किस्तों के रूप में ले सकता है। अब दाइची ने जो इंश्योरेंस कवर मुहैया करवाया है इससे बैंक उसी प्रॉपर्टी की ज्यादा कीमत आंककर ज्यादा मासिक दे सकेंगे। जो सीनियर सिटीजन 60 साल की उम्र में पहले 10 से 18 हजार रुपये मासिक ही हासिल कर पाता। इसमें वह तय करता है कि या तो उसकी संतान लोन चुका देगी या फिर बैंक प्रॉपर्टी को बेचकर लोन वसूल लेगा। इसमें वह अब 33 हजार रुपये तक मासिक हासिल कर सकेगा। उम्र के साथ-साथ लोन से मासिक आय भी बढ़ती चली जाएगी यानी उसे 60 की उम्र के बजाय 75 की उम्र में ज्यादा मासिक रकम मिलेगी। एक साथ भी ले सकते हैं 25 फीसदी लोनसेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहले ही स्टार यूनियन दाइची से समझौता कर चुका है। होम लोन देने वाला एक अन्य बैंक जिसने सबसे पहले रिवर्स मोर्गेज लोन दिया था, दाइची से इस तरह का समझौता करने की तैयारी कर रहा है। दाइची से इस तरह के समझौते के तहत सीनियर सिटीजंस अन्य स्रोतों से आय होने के कारण लोन चुका भी सकते हैं और कुछ मासिक आय हासिल भी करते रह सकते हैं। कोई तात्कालिक जरूरत होने पर सीनियर सिटीजन इसमें कुल लोन का 25 फीसदी एक साथ भी ले सकता है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया में यह अपनी तरह का पहला प्रोडक्ट है। अमेरिका में रिवर्स मोर्गेज स्कीम काफी लंबे समय से चल रही है, फिर भी रिवर्स मार्गेज लोन को कवर मुहैया कराने वाला कोई प्रोडक्ट वहां नहीं है। अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट ने भी इस प्रोडक्ट में काफी रुचि दिखाई है। टीना अंबानी संचालित हारमनी फॉर सिल्वर्स फाउंडेशन और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने रिवर्स मोर्गेज लोन के बारे में ज्यादा जानकारी चाहने वालों के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की है। उनसे भी इस बारे में ज्यादा जानकारी हासिल की जा सकती है।
Thursday, May 6, 2010
फाइनेंशियल प्लानिंग: थोड़े में भी जरूरतें पूरी
फिलहाल रवि की उम्र ३२ साल है और वह 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहता है। उसकी दो बेटियां हैं वह संयुक्त परिवार में रहता है इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी भी उस पर है। वह एक बड़ा घर और कार भी खरीदना चाहता है। यही नहीं वह अपनी दोनों बेटियों को अच्छी उच्च शिक्षा भी देना चाहता है और रिटायर होने तक उनकी शादी के लिए पैसा भी जुटाना है। हालांकि अभी वह अच्छी नौकरी करता है और सालाना 11.50 लाख रुपये कमाता है। वेतन में सालाना 20 फीसदी बढ़ोतरी होती रहे तो वह सभी जरूरतें पूरी करने के बाद सालाना 3.5 लाख रुपये बचा सकता है। इसके लिए उसने फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में सोचा। प्लान के मुताबिक उसे बताया गया कि अगले 28 साल में उसे अपने सभी लक्ष्य पूरे करने के लिए 9.5 करोड़ रुपये की जरूरत होगी तो वह अवाक रह गया। उसका तात्कालिक जवाब था कि यदि वह अगले 28 साल की पूरी सैलरी भी जोड़े तो 9.5 करोड़ रुपये नहीं बनते हैं। लेकिन जब उसे बताया गया कि यदि वह 3.20 लाख रुपये सालाना निवेश करे और सालाना इसमें 10 फीसदी बढ़ोतरी करता रहे तो वह इतनी रकम आसानी से हासिल कर लेगा। रवि अचंभित था क्योंकि उसने पहले यह सोचा ही नहीं था कि नियमित निवेश कर एक बड़ी रकम जुटाई जा सकती है और उसका मौजूदा जीवन स्तर भी बरकरार रहेगा। यह रकम वह अपने सभी मौजूदा जरूरी खर्च पूरे करते हुए जुटा सकता है।निवेश की उचित रणनीति जरूरीइसलिए सबसे जरूरी है कि आप एक अच्छा इन्वेस्टमेंट प्लानर चुनें जो आपको उचित निवेश रणनीति बता सके। फाइनेंशियल प्लानिंग आपके सामने इस बात की तस्वीर साफ कर देती है कि आप फिलहाल कहां हैं और भविष्य में कहां पहुंचना चाहते हैं। भारत में पर्सनल फाइनेंशियल प्लानिंग तुलनात्मक रूप से नया कॉन्सेप्ट है। जो लोग फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में जानते हैं वे भी पूरी प्रक्रिया को लेकर उलझन में रहते हैं, ऐसे में वे भी फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर अनिच्छुक ही दिखते हैं। सलाहकार भी जिम्मेदारइस स्थिति के लिए फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री भी जिम्मेदार है। ज्यादातर मामलों में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेचने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग का दुरुपयोग किया जाता है। बीमा एजेंट, म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉक ब्रोकर या लोन मुहैया कराने वाले जो अपने को फाइनेंशियल प्लानर कहते हैं ये सब फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर काफी उलझन पैदा करते हैं। पर्सनल फाइनेंशियल प्लानिंग की विस्तृत प्रक्रिया के बारे में कुछ तथ्य इस उलझन को दूर करने में अच्छी मदद कर सकते हैं।अच्छा फाइनेंशियल प्लानर जरूरीएक मान्यता प्राप्त फाइनेंशियल प्लानर जो विशेषज्ञ और अच्छी तरह से प्रशिक्षित है जरूरी वित्तीय आंकड़ों का मूल्यांकन कर आपकी मौजूदा वित्तीय स्थिति के बारे में ठीक से बता पाएगा। वह आपके वित्तीय और निजी लक्ष्य तय करने में मदद करेगा। वह आपकी वित्तीय समस्याओं को भी पकड़ पाएगा जो आपके वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने में रोड़ा बन सकती हैं, साथ ही आपको वैकल्पिक समाधान भी बता सकेगा। समय-समय पर आपकी वित्तीय योजना का मूल्यांकन और उसमें बदलाव भी वह करने को कहेगा ताकि निर्धारित वित्तीय लक्ष्य हासिल किए जा सकें। आपकी वित्तीय स्थिति का साल में एक बार पुनर्मूल्यांकन होना बहुत जरूरी है। फाइनेंशियल प्लानर आपके लिए आपके लिए फाइनेंशियल हेल्थ डॉक्टर है जिससे समय-समय पर पर्सनल फाइनेंस के बारे में जांच करवाते रहना जरूरी है। आपके लक्ष्यों में कार, घर या प्रॉपर्टी खरीदना या बच्चों की शिक्षा, शादी कुछ भी हो सकता है। निवेश पर अच्छा रिटर्न हासिल करने, टैक्स बचाकर और लोन चुकाने में मदद कर फाइनेंशियल प्लानिंग आपको बढ़ती महंगाई दर से भी बचाती है। फाइनेंशियल प्लानिंग आपकी असामयिक मृत्यु या रिटायर होने पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा देती है। फाइनेंशियल प्लानर आपकी सभी वित्तीय समस्याओं का समाधान निकालने में मदद करता है। कब शुरू करें फाइनेंशियल प्लानिंगफाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर दूसरी शंका लोगों में यह होती है कि यह उनकी मौजूदा वित्तीय स्थिति पर भार डालती है। यह सही नहीं है और वास्तव में यह आपको निवेश और अपने पैसे का बुद्धिमत्तापूर्वक प्रबंधन सिखाती है। फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू नहीं करने के पीछे एक प्रमुख कारण यह भी है कि 20 साल की उम्र के युवा समझते हैं यह काफी जल्दी है और 40-50 के लोग समझते हैं कि बहुत देर हो चुकी है। निष्कर्ष में मैं यही करना चाहूंगा कि एक विस्तृत वित्तीय योजना आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी और आपके दिमाग में यह स्पष्ट होगा कि आप भविष्य में अपनी योजनाएं कैसे पूरी कर पाएंगे।
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ratan singh
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सभी देशवाशियों को नमस्कार। विचारों को मंच मिलना चाहिए क्योंकि इसके बिना समस्या का समाधान नही होता। याद रहे हर किसी के विचार महत्त्व रखते हैं...
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कहा जाता है कि हमारे देश में वित्तीय साक्षरता यानी वित्तीय योजनाओं की जानकारी काफी कम है। ज्यादातर भारतीय युवाओं खासकर कॉलेज में पढऩे वालों ...
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दो दिन बाद यानी 16 नवंबर को हर वर्ष की तरह प्रेस दिवस मनाने की रस्म अदायगी की जाएगी। हर वर्ष 16 नवंबर को यह रस्म अदायगी इसलिए की जाती है कि...