Thursday, September 10, 2009
सबके पास केवल 24 घंटे ही होते हैं
किसी सज्जन ने सही ही कहा है 'समय का कोई विकल्प नहीं होताÓ। यदि ऐसा होता तो लोग समय को बचाकर रखते और उसकी जगह पैसे आदि खर्च करते रहते। नौकरी करते समय मुझे भी ऐसा लगता है कि मेरे पास बहुत सारे ऐसे काम हैं जिनको करने के लिए मेरे पास समय ही नहीं है। लेकिन क्या इसमें सच्चाई है, मुझे लगता है नहीं। क्या मैं महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, बिल क्लिंटन, नंदन नीलेकणी, बिल गेट्स आदि से भी ज्यादा व्यस्त हूं। इन सभी ने अपने व्यस्त जीवन में से समय निकालकर कुछ ने लोगों और देश का नेतृत्व किया और कुछ महत्वपूर्ण पदों पर अब भी काम कर रहे हैं। इन सबके बीच इन्होंने ऐसी महत्वपूर्ण किताबें लिखीं जिनको पढ़कर आज सभी कुछ न कुछ सीख रहे हैं। ऐसे में यह तो साफ है कि किसी के पास भी एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं, इसी समय में किसी ने ऐसा काम किया कि दुनिया याद करती है। यानी मुझे भी समय से समय निकालना होगा कि कम से कम अपने ब्लॉग को तो रोज अपडेट कर सकूं।
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ratan singh
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सभी देशवाशियों को नमस्कार। विचारों को मंच मिलना चाहिए क्योंकि इसके बिना समस्या का समाधान नही होता। याद रहे हर किसी के विचार महत्त्व रखते हैं...
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ratan singh
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सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कोशिश की है। यहां तक कि आम बजट में यह भी घोषणा की गई कि एनपीएस में नया ...
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