निजी बैंकों में बचत खाता खोलने वाले जरा सावधान रहें। बचत खाता बंद कराने पर ज्यादातर निजी बैंक सीधे आपकी जेब पर हमला कर रहे हैं और कुछ शुल्क वसूल रहे हैं। अगर आप बैंक की कार्य और नीतियों को नापसंद कर अपना खाता बंद कराना चाहते हैं तो बैंक उस पर भी एग्जिट चार्ज वसूलकर आपकी जेब हल्की कर सकते हैं। यह चार्ज 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक हो सकता है। निजी बैंकों से पीछा छुड़ाना अब आसान नहीं रह गया है। देश में कार्यरत एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचएसबीसी जैसे दूसरे निजी बैंक ग्राहकों से उनका खाता बंद करने के लिए अलग से शुल्क ले रहे हैं। एचडीएफसी बैंक के एक अधिकारी मोहम्मद सलीम ने बताया कि हमारे बैंक में जमा खाता खुलवाने वाला व्यक्ति यदि छह महीने के अंदर ही अपना खाता बंद करना चाहता है तो उसे 500 रुपये बतौर एग्जिट चार्ज देना होगा। यह शुल्क उतना ही है जितना किसी ग्राहक को तिमाही न्यूनतम राशि अपने खाते में न रखने पर चुकानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि हम ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि बैंकों को ग्राहक का खाता खुलवाने के दौरान कई तरह के प्रोसेसिंग खर्च चुकाने होते हैं। इसके अलावा एचएसबीसी बैंक के वित्तीय योजना प्रबंधक जयदेव अरोड़ा ने भी बताया कि खाता खुलने के छह माह के अंदर इसे बंद कराया जाए तो ग्राहक को 500 रुपये बैंक को देने होंगे। बैंक
एग्जिट चार्ज
अवधिएचडीएफसी बैंक
500 रुपये
6 माह तकएचएसबीसी
500 रुपये
6 माह तकआईसीआईसीआई बैंक
400 रुपये
1 वर्ष तकएबीएन एमरो
336 रुपये
1वर्ष तकयस बैंक
100 रुपये
कभी भी
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ratan singh
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सभी देशवाशियों को नमस्कार। विचारों को मंच मिलना चाहिए क्योंकि इसके बिना समस्या का समाधान नही होता। याद रहे हर किसी के विचार महत्त्व रखते हैं...
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कहा जाता है कि हमारे देश में वित्तीय साक्षरता यानी वित्तीय योजनाओं की जानकारी काफी कम है। ज्यादातर भारतीय युवाओं खासकर कॉलेज में पढऩे वालों ...
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